रामपुरा का 'रफ्तार किंग': IPL 2026 में अशोक शर्मा ने फेंकी सबसे तेज गेंद, 154.2 किमी की स्पीड से रचा इतिहास
Ashok Sharma Bowls the Fastest Delivery in IPL 2026
Rampura's 'Speed King': छोटे गांवों से बड़े सपनों की उड़ान अक्सर कठिन रास्तों से गुजरती है, लेकिन जब जुनून और परिवार का साथ मिल जाए तो वही सपने इतिहास बन जाते हैं. जयपुर के नजदीक रामपुरा गांव के युवा तेज गेंदबाज अशोक शर्मा ने IPL 2026 में कुछ ऐसा ही कर दिखाया है, जिसने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला खड़ा किया. अशोक शर्मा ने इस सीजन में 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर IPL 2026 की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड अपने नाम किया. उनकी यह रफ्तार सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, संघर्ष और त्याग का नतीजा है.
अशोक के पिता करते हैं खेती
इसी प्रदर्शन के बाद उन्हें ‘रफ्तार किंग' के नाम से नई पहचान भी मिल गई है. अशोक का सफर आसान नहीं रहा. एक साधारण किसान परिवार में जन्मे अशोक के पिता नाथूलाल खेती करते हैं, जबकि मां लाली देवी गृहिणी हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित थी और घरवालों की इच्छा थी कि अशोक पढ़-लिखकर सरकारी नौकरी करें. लेकिन अशोक का दिल क्रिकेट में बसता था.

अशोक के लिए बड़े भाई ने छोड़ा क्रिकेट
बचपन में अशोक और उनके बड़े भाई अक्षय दोनों क्रिकेट के दीवाने थे. दोनों ने क्रिकेट को ही अपना भविष्य बनाने का सपना देखा, लेकिन आर्थिक हालात ने एक कठिन फैसला लेने पर मजबूर कर दिया. बड़े भाई अक्षय ने अपने छोटे भाई के टैलेंट को पहचानते हुए खुद क्रिकेट छोड़ दिया, ताकि अशोक अपने सपनों पर पूरा ध्यान दे सकें. उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियां संभाली और हर कदम पर अशोक का साथ दिया. यही त्याग आज अशोक की हर तेज गेंद में दिखाई देता है.
अशोक को जयपुर की अरावली क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग का मौका मिला, जहां से उनके करियर को दिशा मिली. लेकिन इसी दौरान कोरोना काल में उनके कोच विवेक यादव का निधन हो गया, जो उनके लिए बड़ा झटका था. इसके बावजूद अशोक ने हार नहीं मानी और खुद को संभालते हुए और ज्यादा मेहनत के साथ आगे बढ़ते रहे. IPL में उनका सफर भी संघर्ष भरा रहा. साल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 55 लाख रुपये में खरीदा, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला.
अशोक शर्मा के गांव रामपुरा में जश्न का माहौल
इसके बाद 2025 में राजस्थान रॉयल्स का हिस्सा बने, लेकिन वहां भी मैदान पर उतरने का इंतजार ही हाथ लगा. आखिरकार 2026 में गुजरात टाइटंस ने उन पर भरोसा जताया और मौका दिया. अशोक ने इस मौके को पूरी तरह भुनाया और अपनी तेज गेंदबाजी से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. 154.2 किमी की स्पीड से उन्हें सीधे सुर्खियों में पहुंचा दिया. आज रामपुरा गांव में जश्न का माहौल है. परिवार और ग्रामीणों को अशोक की इस उपलब्धि पर गर्व है. अब परिजनों और क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि उनका यह ‘रफ्तार सिंह' जल्द ही टीम इंडिया की जर्सी में भी नजर आएगा.